छठ पूजा सिर्फ बिहार में ही क्यों मनाया जाता है?

वैसे तो महापर्व छठ पूजा पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन बिहार इसकी परंपराओं में अहम भूमिका निभाता है। बिहार में छठ मनाने का क्यों मनाया जाता है

छठ का महापर्व

बिहार में, छठ पूजा काफी प्रसिद्ध है, और इसे दिवाली से भी अधिक महत्व दिया जाता है। बिहार में चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत नहाय खाए से होती है.

बिहार में ही क्यों प्रसिद्ध ?

छठ के पहले दिन छठ माता के लिए हर मौसमी फल इकट्ठा किया जाता है और तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं।

तैयार होते हैं पकवान

दूसरे और तीसरे दिन उगते और डूबते सूर्य की पूजा के जल चढ़ाया उत्सव के रूप में  जाता है और भजन गाए जाते हैं। प्रसाद वितरित किया जाता है, जब

उगते और डूबते सूर्य को जल

बिहार में छठ पूजा की शुरुआत कैसे हुई, इस विषय पर उत्तर देने के लिए महाभारत की कर्ण पूजा को समझना महत्वपूर्ण है।

कर्ण से है संबंध

भौगोलिक दृष्टि से बिहार का भागलपुर और कर्ण एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। कर्ण सूर्य देव का एक समर्पित उपासक था जो घंटों कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देता था।

कर्ण का संबंध भागलपुर से

जब वह सप्तमी और षष्ठी के दिन विशेष पूजा-अर्चना करते थे, तो सूर्य देव उन्हें अमोघ आशीर्वाद देते थे। माना जाता है कि तभी से बिहार में छठ पर अर्घ्य देने की परंपरा चली आ रही है।

तभी से प्रसिद्ध हुआ छठ पर्व

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